Wednesday, August 26, 2009

बोल्ट जैसे एथलीट किसी 'सिस्टम' की देन नहीं हैं

वैसे तो ज्यादातर खेलों में उन देशों का परिणाम अच्छा रहता है जहां खेलों के लिए आधारभूत ढ़ाचा बेहतर हो। क्रिकेट, फुटबाल, टेनिस, हॉकी, बेसबॉल, बैडमिंटन, तैराकी, शतरंज, गोल्फ तमाम ऐसे खेल हैं जो इस कैटगरी में फिट बैठते है। लेकिन एक खेल ऐसा है जो 90 फीसदी खिलाड़ी के स्तर पर निर्भर करता है और 10 प्रतिशत सिस्टम पर। चाहे उस देश का सिस्टम कितना भी मजबूत क्यों न हो अगर खिलाड़ी अच्छे नहीं होंगे तो खास अच्छा परिणाम नहीं मिलेगा। वह खेल है एथलेटिक्स (ट्रैक एंड फील्ड दोनों)। सभी खेलों में यह एक मात्र ऐसा खेल है जिसमें जब-तब नए चैम्पियन सामने नहीं आते। इस खेल में मानव के शारीरिक सामर्थ की जितनी आवश्यकता है किसी अन्य खेल में नहीं। तभी तो माइकल जॉनसन, सर्गेई बुबका या ताजा सनसनी यूसेन बोल्ट रोज-रोज पैदा नहीं होते। तभी तो एथलेटिक्स के कई ऐसे विश्व रिकार्ड हैं जो सालों से नहीं टूटे। और वो तभी टूटेंगे जब उसे बनाने वाले पुराने एथलीट से बेहतर कोई नया एथलीट पैदा हो। ये एथलीट किसी सिस्टम से तैयार नहीं किए जा सकते।

एक नजर उन रिकार्डों पर जो 10 साल से ज्यादा से टूटने की वाट जोह रहे हैं। इनमें से कुछ तो 20 या उससे भी ज्यादा समय से कायम हैं।

- 400 मीटर दौड़ का मौजूदा विश्व रिकार्ड 1999 में माइकल जॉनसन ने बनाया था।
- 800 मीटर दौ़ड़ का मौजूदा विश्व रिकार्ड डेनमार्क के विल्सन किपकेटर ने 1997 में बनाया था।
-1000 मीटर दौड़ का विश्व रिकार्ड केन्या के नोह गेनी ने 1999 में बनाया था।
-मोरक्को के हिचाम अल गुरोज ने 10 साल पहले 1500 मीटर एक मील और 2000 मीटर का विश्व रिकार्ड बनाया था।
-3000 मीटर का विश्व रिकार्ड केन्या के डेनियल कोमेन ने 1996 में बनाया था
-25 किलोमीटर पैदल चाल का विश्व रिकार्ड जापान के तोसीहिको सेको ने 1981 में बनाया था
-400 मीटर बाधा दौड़ का विश्व रिकार्ड अमरीका के केविन यंग ने 1992 में बनाया था
-ऊंची कूद का विश्व रिकार्ड क्यूबा के जेवियर सोटोमायोर ने 1993 में बनाया था
-पोल वाल्ट का विश्व रिकार्ड यूक्रेन के सर्गेई बुबका ने 1994 में बनाया था
-लम्बी कूद का विश्व रिकार्ड अमरीका के माइक पावेल ने 1991 में बनाया था
-ट्रिपल जंप का विश्व रिकार्ड ब्रिटेन के जोनाथन एडवर्ड्स ने 1995 में बनाया था
-गोला फेंक का विश्व रिकार्ड अमरीका के रेंडी बर्नेस ने 1990 में बनाया था
-चक्का फेंक का विश्व रिकार्ड जर्मनी (तत्कालीन पूर्वी जर्मनी) के जर्गेन शल्ट ने 1986 में बनाया था।
-हैमर थ्रो का विश्व रिकार्ड स्लोवेनिया के यूरीव सेदिक ने 1986 में बनाया था
-जेवलिन थ्रो का विश्व रिकार्ड चेक गणराज्य के जान जेलेन्जी ने 1996 में बनाया था
-4 गुणा 400 मीटर रिले का विश्व रिकार्ड अमरीकी टीम ने 1993 में बनाया था

सभी रिकार्ड पुरुष वर्ग के हैं। महिला वर्ग में भी यही हाल है

1 comment:

वेद रत्न शुक्ल said...

बिक्रम बाबू नमस्ते। इसी लिए तो आप बेहतर खेल पत्रकार हैं। नये-नये ढंग से विश्लेषण करते रहते हैं। लेकिन अगले आलेख में थोड़ा यह भी बता दीजिए कि यह शारीरिक मजबूती विश्व के किस वर्ग में ज्यादा पाई जाती है। यह मजबूती और स्टेमिना किस प्रकार की और क्यों होती है। क्या भारतीयों में वंशानुगत रूप से यह मजबूती नहीं होती। यदि यहां के किसी वर्ग में होती हो तो उसका भी उल्लेख करें। अगर नहीं होती हो तो तब तो बेकार है मेहनत करना।

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